150 नक्सलवादियों पर है एक लाख से 1 करोड़ तक का इनाम
रांची ब्यूरो : छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा बॉर्डर पर माओवादी मुठभेड़ में 22 जवानों के शहीद होने से पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं, इस नक्सली मुठभेड़ में 31 जवान घायल हुए हैं जिनका बीजापुर और रायपुर के अस्पतालों के इलाज चल रहा है, लेकिन इस बीच झारखंड के नक्सलियों की चर्चा हो रही है.
दरअसल, सरकारें आती-जाती रहती और नक्सलियों का प्रभाव भी उसी अनुरूप घटता बढ़ता रहता है. सदन में भी नेताओं और सरकारों पर नक्सलियों के संरक्षण के आरोप लगते रहते हैं, तो पुलिस अधिकारी नक्सलवाद के खात्मे का सपना दिखाते रहते हैं. घालमेल कुछ इस कदर है कि कुछ नक्सल मूवमेंट से निकलकर सदन तक पहुंच गये.
एक लाख से एक करोड़ के इनामी हैं नक्सली
एक करोड़ के इनामी अरविंद का भी दौर था. छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और बिहार में भी पचास लाख रुपये का इनाम था. मूलरूप से जहानाबाद के रहने वाले अरविंद को उसकी पटना विश्वविद्यालय से स्नातक पत्नी प्रभावति लेबी पहुंचाने का काम करती थी. उसे 2012 में गिरफ्तार किया गया था वह आंगनबाड़ी सेविका का काम करती थी. बता दें कि अरविंद ने झारखंड के बूढ़ा पहाड़ को लंबे समय तक अपना ठिकाना बनाये हुए था और पुलिस के लिए वर्षों तक चुनौती बना रहा. मजाल नहीं कि पुलिस बूढ़ा पहाड़ के उनके गढ़ में प्रवेश कर जाये. जबकि कोल्हान का सारंडा जंगल बड़ा ठिकाना हुआ करता था. अरविंद पर डेढ़ सौ मामले दर्ज थे. दो साल पहले बीमारी से मौत के बाद पुलिस ने राहत की सांल ली. बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ की बड़ी घटनाओं में इसकी संलिप्तता रहती थी. जहानाबाद जेल ब्रेक का मास्टर माइंड था.
बहरहाल, झारखंड में एक लाख से एक करोड़ के डेढ़ सौ से अधिक इनामी नक्सली हैं. भाकपा माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य, 24 परगना, पश्चिम बंगाल प्रशांत बोस उर्फ किशन दा, इसी रैंक के गिरिडीह के मिसिर बेसरा उर्फ भाष्कर पर एक करोड़ रुपये का इनाम है. इसी तरह भाकपा माओवादी सेंट्रल कमेटी के सदस्य, मिदनापुर, पश्चिम बंगाल के असीम मंडल उर्फ आकाश, इसी रैंक के पीरटांड गिरिडीह के अनल दा उर्फ तूफान के सिर पर भी झारखंड पुलिस ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा है.




















