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NEET 2020 : परिवार में पहला डॉक्टर बनेगा शोएब

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एलन करियर इंस्टीट्यूट, कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट शोएब आफताब ने 720 में से 720 अंक प्राप्त किए हैं. शोएब अपने परिवार में पहला है जो मेडिकल की पढ़ाई करेगा और डॉक्टर बनेगा. उल्लेखनीय है कि वह हमेशा से ही डॉक्टर बनना चाहता था. उसका सपना अब साकार होने जा रहा है.

उसने बताया कि वर्ष 2018 में कोटा आया और एलन में एडमिशन लिया. यहां मुझे बेस्ट कॉम्पीटिशन मिली और मैंने अपना बेस्ट देने की कोशिश की. मैं कोटा में अपनी मां और छोटी बहन के साथ पीजी में रहता था. इसी वर्ष 12वीं में 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है. केवीपीवाई में आॅल इंडिया 37वीं रैंक एवं 10वीं में 96.8 प्रतिशत अंक थे,
उसका कहना है कि, एलन के टीचर्स की गाइडेंस से ही मैंने यह सफलता प्राप्त की है. जो टॉपिक्स मजबूत थे, उन पर ज्यादा फोकस नहीं किया. कोचिंग के दौरान क्लासरूम का होमवर्क डेली करता था और तीनों विषयों को बराबर समय देता था. मैं रोजाना शेड्युल बनाकर पढ़ाई करता हूं. हर सब्जेक्ट को अलग-अलग समय देता हूं. एलन के मोड्यूल्स और वीकली टेस्ट से काफी हेल्प मिली. वाट्सअप का उपयोग फैकल्टीज से डाउट्स आदि पूछने के लिए करता था.

लॉकडाउन में भी घर नहीं गया
शोएब अपने लक्ष्य के प्रति कितने गंभीर हैं यह इस बात से पता चलता है कि एक बार घर से कोटा आने के बाद ढाई साल तक शोएब घर नहीं गया. कई मामले आए जब पापा ने कहा घर आ जाओ कुछ दिन लेकिन वह अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुआ. दीपावली व ईद की छुट्टियां भी थी लेकिन कोटा में रहकर ही पढ़ाई करता रहा. लॉकडाउन के दौरान सभी लोग अपने घर चले गए, लेकिन शोएब ने इस समय का पूरा लाभ लिया.

लाइलाज बीमारी का इलाज ढूंढना चाहता हूं
शोएब ने बताया कि एम्स से एमबीबीएस करने के बाद कार्डियोलॉजी में स्पेशलिस्ट बनना चाहता हूं. इसके साथ ही एक और सपना है कि मैं ऐसी बीमारियों का इलाज ढूंढना चाहता हूं जिनका इलाज अभी तक उपलब्ध नहीं है. उनका कहना है कि वह रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहता है.

…इसलिए बनना चाहता हूं डॉक्टर
शोएब ने बताया कि हमारे मम्मी और पापा दोनों के परिवार में कोई डॉक्टर नहीं है. पिता शेख मोहम्मद कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं और बीकॉम तक पढ़े हैं. मां सुल्ताना रिजया गृहिणी हैं और बीए पास हैं. दादा बेकरी चलाया करते थे. मेरी रूचि भी साइंस में थी और मेडिकल क्षेत्र में जाना चाहता था. पापा भी कहते थे कि मेडिकल की तैयारी करो, डॉक्टर बनो.


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