Home हिंदी Merry Christmas | मोजे में ही गिफ्ट क्यों बांटते हैं सांता क्लॉस

Merry Christmas | मोजे में ही गिफ्ट क्यों बांटते हैं सांता क्लॉस

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हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस (Christmas) का त्‍योहार मनाया जाता है. सांता क्लॉस (Santa Claus) रात के 12 बजते ही बच्चों को क्रिसमस गिफ्ट बांटने निकलते हैं. वहीं कुछ घरों में परिवार के सदस्य ही सीक्रेट सांता क्लॉस बन कर बच्चों के तकिये के नीचे गिफ्ट रख देते हैं. सांता क्लॉस बच्चों को मोजे में रखकर गिफ्ट देते हैं. क्या आपके मन में कभी ये ख्याल आया कि सांता क्लॉस बच्चों को मोजे में ही गिफ्ट क्यों बांटते हैं. आइए “आत्मनिर्भर खबर डॉट कॉम” पर जानते हैं सांता द्वारा मोजे में गिफ्ट बांटने के पीछे की दिलचस्प कहानी के बारे में.

पहले चौथी शताब्दी में एशिया माइनर में एक स्थान था मायरा, जो कि अब तुर्की में है, में सेंट निकोलस नाम का एक आदमी रहता था. सेंट निकोलस बहुत धनवान व्यक्ति था लेकिन उसके माता-पिता की बचपन में ही मौत हो चुकी थी. सेंट निकोलस काफी दयावान था. वह अक्सर ही जरूरतमंद लोगों की बिना उनको बताए मदद किया करता था. वह एकदम चुपके से लोगों को तोहफे देता जिसे देखकर लोग खुश हो जाते.

सेंट निकोलस को एक बार कहीं से पता चला कि एक गरीब आदमी की तीन बेटियां है, जिनकी शादियों के लिए उसके पास बिल्कुल भी पैसा नहीं है. ये बात जान निकोलस इस शख्स की मदद करने पहुंच गया. निकोलस एक रात इस आदमी की घर की छत में लगी चिमनी के पास पहुंचा और वहां से सोने से भरा बैग नीचे डाल दिया. उस दौरान इस गरीब शख्स ने अपना मोजा सुखाने के लिए चिमनी में लगा रखा था.

इस मोजे में अचानक सोने से भरा बैग उसके घर में गिरा. ऐसा एक बार नहीं बल्कि तीन बार हुआ. आखिरी बार में इस आदमी ने निकोलस को देख लिया. निकोलस ने यह बात किसी को न बताने के लिए कहा. लेकिन जल्द ही इस बात का शोर बाहर हो गया. उस दिन से जब भी किसी को कोई सीक्रेट गिफ्ट मिलता है सभी को लगता कि यह निकोलस ने दिया. धीरे-धीरे निकोलस की ये कहानी पूरी दुनिया में छा गई. इसके बाद पूरी दुनिया में क्रिसमस के दिन मोजे में गिफ्ट देने का रिवाज आगे बढ़ता चला गया.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं.)


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