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Medicines from the sky | तेलंगाना में पहली बार ड्रोन से दवाओं की डिलीवरी, पूरे देश में लागू करने का है प्‍लान

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केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तेलंगाना में शनिवार को ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्‍काई’ प्रोजेक्‍ट का शुभारंभ किया. इस दौरान सिंधिया ने कहा कि इस प्रोजेक्‍टर के माध्‍यम से ड्रोन का इस्‍तेमाल करते हुए वैक्‍सीन और दवाओं की डिलीवरी की जाएगी. पायलट प्रोजेक्‍ट के तौर पर इस योजना को तेलंगाना के 16 ग्रीन जोन में शुरू किया गया है. बाद में आंकड़ों के आधार पर इसे पूरे देश में शुरू किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तीन महीने के बाद इस प्रोजेक्‍टर के डेटा का एनालिसिस किया जाएगा. उसके बाद उड्डयन मंत्रालय, आइटी मंत्रालय, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय, राज्‍य सरकार और केंद्र मिलकर पूरे देश के लिए एक मॉडल तैयार करेंगे. उन्‍होंने कहा कि आज का दिन ना केवल तेलंगाना बल्कि पूरे देश के लिए बहुत क्रांतिकारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व के कारण ही इस ड्रोन पॉलिसी को तैयार किया गया और फिर आज इसका शुभारंभ किया गया है.

केंद्र ने नई ड्रोन पॉलिसी में दी कई छूट

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि एनडीए सरकार ने नई ड्रोन पॉलिसी में कई छूट दी है. इसके चलते देश में अब ड्रोन का इस्‍तेमाल करना सामान हो जाएगा. पहले ड्रोन को ऑपरेट करने के लिए 25 फॉर्म भरने पड़ते थे, लेकिन अब केवल पांच फॉर्म ही भरना पड़ता है. वहीं पहले ड्रोन का इस्‍तेमाल करने के लिए 72 तरह की फीस भरनी पड़ती थी, लेकिन अब केवल चार तरह की ही फीस भरनी पड़ती है. वहीं ग्रीन जोन में ड्रोन उड़ाने के लिए किसी तरह की परमिशन की जरूरत नहीं पड़ती है. हालांकि रेड जोन में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है.

गुरुवार को किया गया था योजना का टेस्‍ट

तेलंगाना देश का पहला राज्य बन गया है, जहां के दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों तक वैक्‍सीन और दवा पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्‍तेमाल किया होगा. योजना का शुभारंभ करने से पहले राज्य सरकार की ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ परियोजना के तहत ड्रोन का दो दिवसीय टेस्ट गुरुवार को विकाराबाद शहर में शुरू हुआ था.

विकाराबाद जिला कलेक्टर के. निखिला ने परेड ग्राउंड में ट्रायल रन का औपचारिक उद्घाटन किया था. 500 मीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए विकाराबाद जिला अस्पताल से 2-3 किलोग्राम वजन के बक्से 400 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरते थे. उन्होंने कहा, ‘भारत में यह पहली बार है कि ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करके दूर-दराज के इलाकों में वैक्सीन या दवाएं पहुंचाने के लिए ट्रायल रन किया जा रहा है.’ तीन चरण के परीक्षण में एक दिन में छह उड़ानें होंगी, जिसमें प्रत्येक ड्रोन तापमान नियंत्रित बक्से में 175 टीके ले जाएगा.

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