Home Education Admission | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

Admission | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

नागपुर ब्यूरो: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विष्वविद्यालय (इग्नू) के जुलाई 2021 सत्र में 200 से अधिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश शुरू किया गया है। डाॅ. पी. शिवस्वरूप, क्षेत्रीय निदेषक इग्नू, नागपुर ने पत्रकार परिषद में कहा कि ऑनलाइन प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2021 है। प्रवेश ऑनलाइन हैं और इच्छुक व्यक्ति इग्नू पोर्टल https://ignouadmission.samarth.edu.in/ पर आवेदन कर सकते हैं। पुनः पंजीकरण के लिए https://onlinerr.ignou.ac.in/ लिंक है एवं अंतिम तिथि 30 जून 2021 है। पुनः पंजीकरण फार्म, असाइनमेंट
और परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2021 तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि इग्नू समाज की जरूरत के आधार पर हर सत्र में नए पाठ्यक्रम शुरू करता है। ऐसे कुछ कोर्स इस प्रकार हैः

मास्टर ऑफ आर्ट्स इन उर्दू (एम.यू.डी.)

यह 2 साल का पाठ्यक्रम है एवं कोई भी स्नातक प्रवेश ले सकता है। यह पाठ्यक्रम शिक्षार्थियों को उर्दू भाषा और साहित्य की एक विस्तृत श्रृंखला से परिचित कराता है। यह उर्दू साहित्य और अरबी, फारसी, अंग्रेजी, हिंदी और अन्य नए साहित्य की एक अच्छी समझ विकसित करने में सहायक होगा। इस पाठ्यक्रम के लिए उर्दू पढ़ने की क्षमता और लेखन कौशल का अच्छा ज्ञान होना आवश्यक है। इग्नू पहले से ही उर्दू में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा है।

मास्टर ऑफ आर्ट्स इन ज्योतिष (एम.ए.जे.वाई.)

यह 2 साल का पाठ्यक्रम है एवं कोई भी स्नातक प्रवेश ले सकता है। एम.ए.जे.वाई. पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय प्राच्य विद्या के अंतर्गत काल ज्ञान, ग्रह गति, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण से लेकर भारतीय ऋषियों के मतों के आधार पर अंतरिक्ष में होने वाली घटनाओं के साथ मानव मात्र के व्यावहारिक जीवन का संचालन किस प्रकार होता है, इन तथ्यों का प्रामाणि और विस्तृत ज्ञान प्रदान करता है। इग्नू में संस्कृत में एम.ए. भी उपलब्ध है।

सर्टिफिकेट इन जेंडर, एग्रीकल्चर एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सी.जी.ए.एस.)

यह 6 माह का पाठ्यक्रम है जो कोई भी स्नातक के लिए प्रवेश खुला है। भारतीय कृषि   में महिलाएं बीज की बुवाई, फसल कटाई और फसल कटाई के बाद
मूल्यवर्धन से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। समाज में लैंगिक असमानता के कारण महिलाओं के पास संसाधनों पर स्वामित्व, पहुंच और नियंत्रण की कमी है और निर्णय लेने की कमी है। पितृसत्ता के कारण हमारे समाज में लैंगिक असमानता अंतर्निहित है, इसलिए कृषि सहित हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की अधीनता जीवन का एक
तरीका बन गया है। कृषी गतिविधियों के बदलते पैटर्न और कृषि के मशीनीकरण के साथ, कृषि में महिलाओं की भूमिका बढ़ी, खासकर छोटे और सीमांत किसानों के बीच। भले ही औद्योगीकरण ने कृषि गतिविधियों को बदल दिया है, फिर भी महिलाओं के पास अधिक श्रम गहन कृषि गतिविधियां हैं जैसे कि निराई और कटाई।

डाॅ. शिवस्वरूप ने कहा कि कोविड-19 स्थितियों के कारण इग्नू ने ऑनलाइन गतिविधियों को बढ़ा दिया है। सभी प्रवेश प्रक्रिया, पुनः पंजीकरण, परामर्श कक्षाएं, परीक्षा फार्म जमा करना आदि ऑनलाइन किए जाते हैं। ई-ज्ञानकोष के तहत अध्ययन सामग्री डिजिटल रूप में भी उपलब्ध कराई जाती है। यदि छात्र डिजिटल अध्ययन सामग्री का विकल्प चुनते हैं, तो इग्नू शुल्क में छूट प्रदान करता है। ऑनलाइन कक्षाएं ज्ञानदर्शन, स्वयमप्रभा, टीवी चैनलों, ज्ञानवाणी रेडियो आदि के माध्यम से आयोजित की जाती हैं। लाॅकडाउन के दौरान, छात्र घरों तक ही सीमित हैं और छात्रों और संस्थान के बीच बहुत अधिक संवादहीनता है। इस अंतर को कम करने के लिए, इग्नू नागपुर क्षेत्रीय केंद्र प्रत्येक रविवार शाम 5 बजे छात्रों के साथ फेसबुक लाइव सत्र आयोजित करता है। इसके अलावा, संबंधित छात्रों के साथ कार्यक्रम विशिष्ट शिकायत निवारण बैठकें आयोजित की जाती हैं।

ओंकार नगर में बनेगा क्षेत्रीय केंद्र भवन

डाॅ. शिवस्वरूप ने कहा कि नागपुर के कलेक्टर ने ओंकार नगर में क्षेत्रीय केंद्र भवन के लिए जमीन सौंप दी है। आगे की प्रक्रिया चल रही है और क्षेत्रीय केंद्र भवन को जल्द से जल्द विकसित करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इग्नू विदर्भ में शिक्षार्थियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में निरंतर समर्थन और प्रोत्साहन के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र सरकार को धन्यवाद अदा करता है।

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