नागपुर ब्यूरो : डॉ. बाबासाहब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय नामांतरण दिवस पर आज, गुरुवार 14 जनवरी को उत्तर नागपुर विकास आघाडी- सहयोग मित्र परिवार, समता सैनिक दल व अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संयुक्त तत्वावधान में इंदोरा 10 नंबर पुलिया स्थित नामांतरण शहीद स्मारक पर सुबह 9 बजे नामांतरण आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता लेखक अनिल वासनिक, रिपाइं नेता डी.एम.बेलेकर, भदंत नागदीपांकर, सी.टी. मेश्राम,रामभाऊ डोंगरे ने पुष्पचक्र अर्पण कर शहिदों को विनम्र अभिवादन किया.
प्रारंभ मे इंदोरा चौक स्थित डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की प्रतिमा को माल्यार्पण कर अभिवादन किया गया. इसके उपरांत सभी कार्यकर्ताओ ने सामूहिक रूप से रैली द्वारा नामांतरण शहीद स्मारक पर जाकर अभिवादन करके भावभिनी श्रद्धांजली अर्पण की. उपस्थित सभी कार्यकर्त्यांने शहिदों को जयभीम सलामी दी. शहीद स्मारक पर अभिवादन सभा संपन्न हुई. सभा की अध्यक्षता डी.एम. बेलेकर ने की. सभा में भदंन्त नागदीपांकर, अनिल वासनिक, मनोहर दुपारे, खुशाल लाडे, नरेश महाजन ने विचार रखे. मंच संचालन लहानू बन्सोड ने किया. इस वक्त अंधश्रद्धा निर्मूलन समिती के कार्यकर्ताओ ने तथागत नाट्यकृतिका मंचन किया.
मराठवाडा विश्वविद्यालय को डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का नाम देने का प्रस्ताव महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनो सदनों मे 27 जुलाई 1978 को मंजूर होने के बाद भी उस पर सरकार ने अंमल नहीं किया. सरकार के इस रवैये के खिलाफ आंबेडकरी जनता व प्रगतिशिल शक्तिंयों को 16 वर्ष संघर्ष करना पडा. नागपुर में आंदोलन के दरमियान पुलिस की फायरिंग में 9 भीमसैनिक शहीद हुये. अनेक भीमसैनिकों के बलिदान व अविरत आंदोलन के आगे झुककर सरकार को 14 जनवरी 1994 को नामांतरणपर अंमल करना पडा. तबसे 14 जनवरी को नामांतरण दिवस मनाया जाता है, ऐसी जानकारी लेखक अनिल वासनिक ने दी.
इस कार्यक्रम दौरान राजकुमार वंजारी, रमेश ढवले, मिलिंद गोंडाणे, रमेश घरडे, आमप्रकाश मोटघरे, राजकुमार मेश्राम, शंकर ढेंगरे, अरुण गायकवाड, शैलेंद्र वासनिक, सुनिता ढवळे, अनिल बावनगडे,पद्मा अलोने, सुरेश वंजारी, नरेंद्र रामटेके, ललिता चव्हाण, राहुल ढवळे, दिगंबरराव गजभिये, प्रशांत खोब्रागडे, पुष्पा बोंदाडे, भारत लांडगे,प्रकाश बावनगडे, मंजूश्री फोफरे, चित्तरंजन चवरे, नरेश महाजन, आनंद मेश्राम, दिनेश खोब्रागडे, तुलाराम मेश्राम, लक्की उके, अशोक शेंडे, अनिल रंगारी के साथ बडी संख्या में कार्यकर्ता व नागरिक उपस्थित थे.




















