Home Business Nagpur | मृगनयनी हस्तशिल्प व हाथकरघा प्रदर्शनी को जबरदस्त प्रतिसाद

Nagpur | मृगनयनी हस्तशिल्प व हाथकरघा प्रदर्शनी को जबरदस्त प्रतिसाद

Photo: Umesh Varma Moonlight Dharampeth Nagpur

नागपुर ब्यूरो: विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन, मोर भवन, सीताबर्डी में आयोजित मृगनयनी मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा प्रदर्शनी 2026 को शहरवासियों का जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है। रोज़ाना यहां शहर की प्रतिष्ठित हस्तियां भी भेंट दे रही हैं। इसी कड़ी में रविवार को समाजसेवी ज्वाला धोटे ने भेंट दी।

प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ 10 मार्च को सायं 5:30 बजे दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (SCZCC) नागपुर की निदेशक श्रीमती आस्था कालेकरकर के करकमलों द्वारा किया गया था। मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 45 से 50 बुनकर और शिल्पकार अपनी उत्कृष्ट कृतियों का प्रदर्शन और विक्रय कर रहे हैं। इनमें खरगोन, महेश्वर, वारासिवनी, सौसर, ग्वालियर, चंदेरी और अशोकनगर सहित कई क्षेत्रों के शिल्पकार शामिल हैं।

Photo: Umesh Varma Moonlight Dharampeth Nagpur

प्रदर्शनी में आगंतुकों को मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध चंदेरी सिल्क साड़ियां, वारासिवनी सिल्क, महेश्वरी साड़ियां, मालवा-निमाड़ क्षेत्र की पारंपरिक बुनाई, हैंडलूम वस्त्र तथा विविध हस्तशिल्प उत्पाद देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है। इन उत्पादों में पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों का सुंदर समन्वय दिखाई देता है, जो भारतीय हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है।

Photo: Umesh Varma Moonlight Dharampeth Nagpur

प्रदर्शनी की खास बात यह है कि शिल्पकार स्वयं उपस्थित रहकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं और आगंतुकों को उनके निर्माण की प्रक्रिया तथा विशेषताओं की जानकारी भी दे रहे हैं। इससे कला प्रेमियों को पारंपरिक शिल्पकला को करीब से समझने का अवसर मिल रहा है।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य बुनकरों और शिल्पकारों को रोजगार के अवसर प्रदान करना, उनकी कला को व्यापक मंच देना और नागपुर के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता के हस्तशिल्प व हाथकरघा उत्पाद उपलब्ध कराना है।

यह प्रदर्शनी 10 मार्च से 19 मार्च 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी स्थल पर प्रवेश और पार्किंग की व्यवस्था निःशुल्क रखी गई है। आयोजकों ने नागपुर के नागरिकों और कला प्रेमियों से इस प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मध्यप्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प और हाथकरघा परंपरा का अवलोकन करने तथा शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है।