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पहला साल, बेमिसाल | हम भारतीयों की जीवनशैली ही ‘आत्मनिर्भरता’ की खुली किताब है दोस्तों…

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ऑक्सफ़ोर्ड लैंग्वेजेज़ ने ‘आत्मनिर्भरता’ शब्द को साल 2020 के लिए ऑक्सफ़ोर्ड हिंदी शब्द के तौर पर चुना था. एक प्रेस रिलीज़ जारी कर ऑक्सफ़ोर्ड लैंग्वेजेज़ ने उस समय ये कहा था कि “बीता साल भारत के लिए काफ़ी मुश्किलों भरा रहा. यहाँ कोरोना महामारी के कारण लंबा और सख़्त लॉकडाउन लगाया गया. लोगों की आवाजाही को लेकर लगाई गई पाबंदियों का सीधा असर यहाँ की अर्थव्यवस्था पर पड़ा, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए. इस मुश्किल दौर में लोगों ने अपनी कोशिशें जारी रखीं और आत्मनिर्भरता का प्रमाण दिया.”
इस समय हिंदी वर्ड ऑफ़ द ईयर की सलाहकार समिति की कृतिका अग्रवाल ने कहा था, “हमें कई शब्द एंट्री के तौर पर मिले थे लेकिन आत्मनिर्भरता शब्द को इसलिए चुना गया, क्योंकि ये शब्द अनगिनत भारतीयों की दैनिक संघर्ष और महामारी के ख़िलाफ़ उनकी जंग को दर्शाता है.” आज मैं जब आपसे रु-ब-रु हो रहा हूँ तो मुझे ये बात आपसे साझा करने की जरुरत इस लिए पड़ रही है क्योंकि हमने जब 5 अगस्त 2020 को इस नेशनल न्यूज़ पोर्टल की नीव रखी थीं तो इसका नाम “आत्मनिर्भर खबर डॉट कॉम” इसी लिए रखा था. असल में हम भारतीयों की जीवनशैली ही ‘आत्मनिर्भरता’ की खुली किताब है दोस्तों… लेकिन ये बात और है कि हममें से ज्यादातर इसे स्वीकारने की हिम्मत नहीं दिखाना चाहते है. जब हम संकटों से घिर जाते है तो हमारे भीतर छिपी बैठी ‘आत्मनिर्भरता’ उजागर होने लगती है.

आत्मनिर्भर या कहे self dependent, ये वह शब्द है जिसने पिछले कुछ वर्षों में हम भारतीयों के जीवन को बदल दिया है. दोस्तों… आपको कुछ साल पहले ले जाना चाहूंगा.. जब नोटबंदी नहीं हुई थी तब हमारे घरों की वह महिलाएं जो कोई जॉब नहीं करतीं थीं क्या वह ‘आत्मनिर्भर’ नहीं थी? नोटबंदी में जब उसने घर के कोने -कोने में छिपा रखे नोट निकलने लगे तो आपको भी हैरानी होने लगी थी. असल में हम सभी ‘आत्मनिर्भरता’ शब्द के ईर्द -गिर्द ही जीवन जी रहे है. इस लिए ये शब्द हमारा है… जी हाँ हम सभी का… इसी लिए हमने इस नेशनल न्यूज़ पोर्टल का नाम “आत्मनिर्भर खबर डॉट कॉम” रखा था.
इस एक साल में, या कहे हमारे पहले साल में आपने जो हमें प्यार दिया है उसके हम हमेशा ऋणी रहेंगे. आपके साथ ये सफर आगे भी जारी रहेगा. साल दर साल बितते रहेंगे. लेकिन इसी के साथ हमारा ये रिश्ता भी और ज्यादा गहरा होता जाएगा. सोशल मीडिया के अलग- अलग प्लेटफॉर्म पर आपका जो प्रेम हमें मिल रहा है, उसके लिए भी हम आपके शुक्रगुजार है. google analytics और freecounterstat.com का भी आभार जो हमें नियमित रूप से हमारे नेशनल न्यूज़ पोर्टल से जुड़े ग्राफिक्स और आंकड़े उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि हम और बेहतर कर सके.
आत्मनिर्भर खबर डॉट कॉम” का पहला साल (5 अगस्त 2020 से 5 अगस्त 2021) वाकई में बेमिसाल रहा. करीबन 1,71,500 लोगों तक हम महज 365 दिनों में पहुंच सके. यहां बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि इन 1,71,500 लोगों में 59.7% लोग ऐसे है जो सीधे हमारा https://www.aatmnirbharkhabar.com ये एड्रेस टाइप कर हम तह पहुंचे है. वहीं हमारे फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया पेजेस के माध्यम से 34.1% लोग हम तक पहुंचे है. 6.1% लोग ऐसे भी है जो इसके अलावा विभिन्न सोर्स से हम तक पहुंचे है.

google analytics कहता है कि पिछले एक साल में हम तक पहुंचे 1,71,500 लोगों में 97.6% लोग ऐसे है जो स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर हम तक इन्ही स्मार्ट फोन के माध्यम से पहुँच रहे है. जबकि 2.4% लोग ऐसे है जो अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप के माध्यम से हम तक पहुँच रहे है. टैबलेट के यूजर्स भी हम तक पहुंचे है लेकिन ये अभी 1% से भी कम है.
इसके अलावा हमारा aatmnirbhar khabar यू ट्यूब चैनल (68,776 views) के माध्यम से भी लोक हमसे जुड़ रहे है. आप सभी का शुक्रिया, આભાર, धन्यवाद, شکریہ, Thanks, ਧੰਨਵਾਦ, ధన్యవాదాలు, நன்றி और شكرا….

 

– संपादक,
आत्मनिर्भर खबर डॉट कॉम
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