नागपुर में ‘नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड’ कार्यक्रम
नागपुर ब्यूरो : बजाज फाइनेंस लिमिटेड (BFL) ने नागपुर में “नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड” नामक साइबर धोखाधड़ी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया. यह पहल कंपनी के 100 शहरों में चल रहे साइबर सुरक्षा अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन खतरों से आगाह करना और वित्त को सुरक्षित रखने के तरीकों की जानकारी देना है.
कार्यक्रम के दौरान बेल्तारोडी पुलिस स्टेशन की पीएसआई स्नेहलता जयबाई ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी एक सामाजिक खतरा है और इससे कड़ाई से निपटा जाना चाहिए. युवा डिजिटल माध्यमों का उपयोग बिना जांच-पड़ताल के कर रहे हैं. उन्हें सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय खास सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि इसका दुरुपयोग स्कैमर्स कर सकते हैं.
उन्होंने आगे बताया कि साइबर अपराध में ‘गोल्डन आवर’ बेहद महत्वपूर्ण है. यदि ठगी का शिकार होने के बाद पहले 60 मिनटों के भीतर 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई जाए, तो 90 प्रतिशत मामलों में पैसे वापस मिलने की संभावना रहती है. कार्यक्रम में साइबर क्राइम विशेषज्ञों ने व्हाट्सएप हैकिंग, डिजिटल गिरफ्तारी, ई-सिम फ्रॉड जैसी नई धोखाधड़ी तकनीकों पर प्रकाश डाला. साथ ही नागरिकों से अपील की कि वे संदिग्ध लिंक, ईमेल, एसएमएस, क्यूआर कोड और अज्ञात स्रोतों से एप्लिकेशन डाउनलोड करने से बचें.
इस मौके पर बीएफएल प्रवक्ता ने कहा कि हमारे उपभोक्ताओं की वित्तीय सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. कंपनी लगातार ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से लोगों को साइबर सुरक्षित रहने के लिए जागरूक कर रही है. कार्यक्रम में सेवानिवृत्त सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) नीलेश राउत, डॉ. प्रशांत सूर्यवंशी (विभागाध्यक्ष, पुरुषोत्तम थोते समाज कार्य कॉलेज), जयेश त्रिभुवन, गोविंद दायमा सहित कई विशेषज्ञ और गणमान्य लोग मौजूद थे.
यह अभियान नागरिकों को ओटीपी और पिन साझा न करने, सोशल मीडिया पर अज्ञात प्रोफाइल से सावधान रहने और डिजिटल व्यवहार में सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित करता है. साथ ही विभिन्न शहरों में इंटरैक्टिव कार्यशालाएं और सामुदायिक कार्यक्रम भी इसके अंतर्गत आयोजित किए जा रहे हैं.




















