Home हिंदी Nagpur Metro। अजनी मेट्रो स्टेशन को आयजीबीसी का प्लॅटिनम दर्जा

Nagpur Metro। अजनी मेट्रो स्टेशन को आयजीबीसी का प्लॅटिनम दर्जा

सर्वोच्च मान्यता प्राप्त करने वाले नागपुर मेट्रो परियोजना का 14 वा स्टेशन

नागपुर ब्यूरो : आज पुरे विश्व में पर्यावरण दिन मनाया जा रहा है. महा मेट्रो नागपुर ने फिर एक बार पर्यावरणपूरक अग्रणी कार्य कर परियोजना में उपलब्धी प्राप्त की है. महा मेट्रो के अजनी मेट्रो स्टेशन को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग कौन्सिल ने (आईजीबीसी) अब तक का सबसे बडा प्लॅटिनम रेटिंग प्रदान किया है . नागपुर मेट्रो रेल परियोजना के सभी कार्यरत स्टेशनो में अजनी चौक मेट्रो स्टेशन यह आईजीबीसी प्रमाणपत्र दर्जा प्राप्त 14 वा मेट्रो स्टेशन है. यह रेटिंग आईजीबीसी के ग्रीन एमआरटीएस रेटिंग प्रणाली पर आधारित है.
इसके पूर्व नागपुर मेट्रो के आॅरेंज लाइन मार्ग के खापरी, न्यू एयरपोर्ट, एयरपोर्ट साऊथ, एयरपोर्ट, जय प्रकाश नगर, रहाटे कॉलनी, अजनी चौक, सीताबर्डी इंटरचेंज साथ ही एक्वा लाइन मार्ग के लोकमान्य नगर, बंसी नगर, वासुदेव नगर, सुभाष नगर, इंस्टीट्यूट आॅफ इंजिनिअर्स, झांसी राणी चौक मेट्रो स्टेशन का समावेश है . साथ ही महा मेट्रो के प्रशासकीय भवन मेट्रो भवन को भी यह प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है.

आईजीबीसी प्लॅटिनम रेटिंग यह सौर ऊर्जा से 65 प्रतिशत ऊर्जा निर्माण, मेट्रो स्टेशन पर बायो-डायजेस्टर्स की व्यवस्था, 100 प्रतिशत पाणी का पुन: उपयोग और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली साथ ही स्टेशन और अन्य बिल्डिंग निर्माण कार्योपर आधारित होता है.

महा मेट्रो शहर में हरियाली का उपक्रम लागू करने वाली एकमेव संस्था है, पर्यावरण व्यवस्थापन के क्षेत्र में सर्वोच्च समझे जाने वाले आईएसओ 140001: 2015 प्रमाणपत्र नागपुर मेट्रो रेल परियोजना को इसके पूर्व ही हासील हुआ है. यह प्रमाणपत्र डिजाईन, निर्माण कार्य साथ ही मेट्रो संचालन के दौरान पर्यावरण व्यवस्थापन की नीति को आपणाने के लिए लागू की गयी उपाय योजना से प्राप्त हुआ है. महा मेट्रो का निर्माण कार्य पर्यावरण का तालमेल रख कर शहर कि प्रगति को बढ़ावा देने की कोशिश है. के लिए कटीबद्ध है ! आयएसओ (इंटरनॅशनल आॅर्गनायझेशन फॉर स्टँडर्डायझेशन) आंतरराष्ट्रीय प्रमाण संस्था है, ठहराए गए मानको का समन्वयन और एकत्रीकरण इसमे किया जाता है ! १४००१ यह एक पर्यावरण व्यवस्थापन प्रणाली (ईएमएस) है , जो संस्था के पर्यावरणीय प्रभावो का मूल्यांकन कर उनमे सुधारणा करती रहती है
महा मेट्रो के प्रबंध निदेशक डॉ. ब्रजेश दीक्षित का कहना है कि, पर्यावरण का समतोल रखना ही अपनी जिम्मेदारी है, महा मेट्रो इसके लिए विविध उपाययोजना कर रही है. नागपुर मेट्रो यह भारत की ग्रीनेस्ट मेट्रो है और परियोजना को लगने वाली ६५ प्रतिशत ऊर्जा यह सोलर पावर के माध्यम से प्राप्त होती है . मेट्रो भवन और मेट्रो स्टेशन यहां बडे पैमाने पर सोलर पैनल लगाए गए है. इनमे और वृद्धी होने वाली है. इसके अलावा महा मेट्रोने स्टेशन और कार्यालय में पानी का पुन: उपयोग करने के लिए बायोडायजेस्टर्स की व्यवस्था की है जिससे बारिश के पानी का 100 प्रतिशत उपयोग किया जाता है.
महा मेट्रोने वर्धा रोड और हिंगणा मार्ग पर वर्टिकल गार्डन तयार किया है, हिंगणा मार्गपर अंबाझरी के पास 24 एकड जगह पर लिटिल वुड नाम से 6000 पेड का जंगल तैयार किया गया है. इसके अलावा अमरावती महामार्ग पर लिटिल वुड के समीप ही लिटिल वुड एक्सटेंशन यहां 14500 विभिन्न प्रजाति के पेड लगाए है, इन दोनो जगह पर आयुर्वेदिक, सजावट, फल और फुलो के पेड देखने को मिलते है.

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