Home Crime #nagpur | नागपुर शहर में जीएसटी चोरी का संगठित गिरोह सक्रिय

#nagpur | नागपुर शहर में जीएसटी चोरी का संगठित गिरोह सक्रिय

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– व्यापारी ठगी और ब्लैकमेलिंग से हो रहे परेशान

– कपड़ा कारोबारी ‘अमित’, कार से ही कारोबार करने वाले ‘आशीष’ और ड्राईफ्रूट कारोबारी ‘अनिल’ का नाम आ रहा सामने

नागपुर ब्यूरो : नागपुर शहर और आसपास के इलाकों में जीएसटी चोरी का एक संगठित गिरोह सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है. आरोप लगाया जा रहा है कि यह गिरोह हवाला, अंगडिया, ऑनलाइन गेमिंग के जरिए फर्जी आरटीजीएस, यूएसडीटी के लेन-देन और एपीएमसी लाइसेंस के नाम पर फर्जी कारोबार चला रहा है. गोंदिया से नकद रकम लाकर व्यापारियों को देने और बाद में हिसाब न चुकाने के भी आरोप हैं.

 

सूत्रों के अनुसार शहर के इतवारी इलाके के कपड़ा कारोबारी ‘अमित’, हमेशा अपनी कार से ही कारोबार करने वाले हजारी पहाड़ इलाके के ‘आशीष’ और मस्कासाथ के ड्राईफ्रूट कारोबारी ‘अनिल’ के नाम इस नेटवर्क में सामने आ रहे हैं. आरोप है कि यह गिरोह सीपीटी फर्म, जेनूईन फर्म और डुपलिकेट फर्म बनाकर व्यापारियों को झांसे में लेता है. रुपए लेने के बाद भुगतान नहीं किया जाता, उल्टा खातों में फ्रीज लगवाकर दबाव बनाया जाता है.

 

नई जानकारी के मुताबिक लेडीज कपड़ों की दुकानों की आड़ में हवाला, जीएसटी और यूएसडीटी का अवैध खेल भी चल रहा है. पहले व्यापारियों को मोटे मुनाफे का लालच देकर काम कराया जाता है, फिर उन्हीं को फर्जी कागजात के जरिए ब्लैकमेल किया जाता है. विरोध करने पर गुंडे-बदमाश भेजने और पुलिस में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं. उल्लेखनीय है कि डुप्लीकेट बिल बनाकर जीएसटी की चोरी की जा रही है और यह गिरोह पिछले दो-तीन वर्षों से शहर में सक्रिय है. कई व्यापारी लंबी ठगी के कारण आर्थिक और मानसिक परेशानी में हैं. सबसे बड़ी समस्या यह है कि डर के चलते वे पुलिस में शिकायत तक नहीं कर पा रहे हैं. उन्हें आशंका है कि शिकायत के बाद मामला रफादफा हो जाएगा और बेवजह दुश्मनी मोल लेनी पड़ेगी. ऐसे में प्रशासन और जांच एजेंसियों से सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है.