Home हिंदी जज्बे को सलाम : मजदूरी कर पूरी की पढ़ाई, अब बने आईएएस

जज्बे को सलाम : मजदूरी कर पूरी की पढ़ाई, अब बने आईएएस

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नई दिल्ली : हमने देखा है कि संसाधनों के अभाव में अक्सर कई लोगों के सपने अधूरे रह जाते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते है जो इस बात को गलत साबित कर देते है. माधव गिट्टे (Madhav Gitte) ऐसा ही एक नाम है. माधव ने यूपीएससी परीक्षा 2019 में 210 वां रैंक हासिल कर आईएएस (IAS) बनने का अपना सपना पूरा कर लिया है. पेशे से इंजीनियर माधव का यह दूसरा प्रयास था. इससे पहले माधव ने 2018 की यूपीएससी परीक्षा में 567 रैंक हासिल की थी और अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने दूसरे अटेम्प्ट में कामयाबी हासिल कर ली.

11 वीं के बाद देना पड़ा एक साल का गैप : महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में जन्मे माधव के माता-पिता किसान थे. जिन पर माधव समेत उनके 5 भाई-बहनों की जिम्मेदारी थी. माधव अपने भाई – बहनों की तरह ही खेती में हाथ बटांते थे. माधव ने अपनी 10 वीं की पढ़ाई 2004 में पूरी की, लेकिन उसी साल उनकी मां को कैंसर हो गया. कैंसर का इलाज हो गया लेकिन एक साल बाद ही उनका देहांत हो गया. मां की मौत से माधव को गहरा सदमा लगा. इसके बाद उन्होंने 11 वीं में दाखिला ले लिया. वे रोज़ 11 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर पढ़ने जाया करते थे. ग्यारहवीं कक्षा के बाद माधव को आर्थिक कारणों से एक साल का गैप लेना पड़ा. वे पैसे जुटाने के लिए खेत में काम करने लगे.

पैसों के लिए करने लगे मजदूरी : बारहवीं के बाद माधव ने पॉलीटेक्निक की पढ़ाई के लिए आवेदन किया लेकिन अंक कम होने के कारण उन्हें कोई सरकारी कॉलेज नहीं मिल पाया. यह माधव के लिए एक झटके के समान था. लेकिन उन्हें और आगे पढ़ना था और पढ़ने के लिए पैसों की ज़रूरत थी. उन्होंने पढ़ाई के लिए पैसे जुटाने के लिए एक मजदूर के रूप में 2400 रुपये महीना कमाना शुरू कर दिया.

ज़मीन रखनी पड़ी गिरवी : कुछ समय बाद उन्हें एक नए पॉलीटेक्निक कॉलेज के बारे में पता चला और उन्होंने वहां एडमिशन ले लिया. पहले सेमेस्टर में तो सब ठीक रहा पर अगले सेमेस्टर की फीस के लिए उन्हें अपनी ज़मीन गिरवी रखनी पड़ी. उन्होंने अपना डिप्लोमा पूरा किया और सबसे अधिक अंक लेकर कॉलेज के टॉपर बने.

सॉफ्टवेयर कंपनी में प्लेसमेंट : अच्छे अंक होने के कारण माधव का दाखिला ग्रेजुएशन के लिए हो गया और ग्रेजुएशन के बाद सॉफ्टवेयर कंपनी में प्लेसमेंट भी हो गया. अब माधव को अपनी मंज़िल साफ दिखाई दे रही थी, यानी यूपीएससी. लेकिन शुरुआत में उन्हें यूपीएससी के विषय में अधिक जानकारी नहीं थी लेकिन अपने भरोसे, जज़्बे और मेहनत के बल पर माधव ने पहले 567 और अब 210 रैंक हासिल कर कामयाबी का परचम लहराया है.


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