Home हिंदी रेजिडेंशियल डिमांड में मेट्रो शहरों पर भारी नागपुर, कोयंबटूर और भुवनेश्वर

रेजिडेंशियल डिमांड में मेट्रो शहरों पर भारी नागपुर, कोयंबटूर और भुवनेश्वर

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टीसीएस और इन्फोसिस जैसी नामी कंपनियां बना रही हैं अपना ठिकाना

नई दिल्ली ब्यूरो : देश में रेजिडेंशियल डिमांड के मामले में नागपुर, कोयंबटूर और भुवनेश्वर जैसे शहरों में मेट्रो सिटीज को काफी पीछे छोड़ दिया है। मैजिकब्रिक्स (Magicbricks) की एक रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के शहर नागपुर में रेजिडेंशियल डिमांड में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 49 फीसदी तेजी आई है। इसी तरह तमिलनाडु के शहर कोयंबटूर में यह 27 फीसदी और ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 12 फीसदी बढ़ी है। रेंटल डिमांड के मामले में भी नागपुर नंबर वन है। यहां पिछले साल के मुकाबले रेंटल डिमांट 84 फीसदी बढ़ी है। कोयंबटूर में यह 30 फीसदी और इंदौर में फीसदी बढ़ी है।

मैजिकबिक्स की रिपोर्ट “India’s Tier 2 cities: Emerging Real Estate Growth Engines” के मुताबिक नागपुर, कोयंबटूर, भुवनेश्वर, इंदौर और जयपुर जैसे टियर-2 शहर रियल एस्टेट के लिए ग्रोथ इंजन बनकर उभरे हैं। इन शहरों में प्रॉपर्टी से जुड़े ट्रेंड्स में काफी तेजी देखने को मिली है। मैजिकब्रिक्स के सीईओ सुधीर पई के मुताबिक कोविड-19 रियल एस्टेट के लिए काफी अहम समय रहा। खासकर टियर-2 शहर रियल एस्टेट के लिए ग्रोथ इंजन बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा कि अमृत और स्मार्ट सिटीज मिशन जैसे सरकारी कार्यक्रमों से इन शहरों में इकनॉमिक गतिविधियां बढ़ी हैं।

इकॉनमिक गतिविधियों और रोजगार के मौके बढ़ने से आने वाले महीनों में टियर-2 शहरों में प्राइम रेजिडेंशियल मार्केट्स की मांग बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक इन्फोसिस और टीसीएस जैसी भारतीय अंतरराष्ट्रीय नामी कंपनियां इनमें से 80 फीसदी शहरों में मौजूद हैं जबकि आईबीएम जैसी कंपनियों ने करीब 60 फीसदी शहरों में अपने दफ्तर खोले हैं। इन कंपनियों के आगे और अपना विस्तार करने की संभावना है।