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Bharat Band | कृषि कानूनों के खिलाफ आज किसानों की देशव्यापी हड़ताल, शंभू बॉर्डर सील

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तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले 40 से अधिक किसान संघों के एक संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने आज भारत बंद का ऐलान किया है. एसकेएम के मुताबिक किसानों के इस ऐतिहासिक संघर्ष के 10 महीने पूरे होने पर केंद्र सरकार के खिलाफ सोमवार यानी 27 सितंबर को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया गया है. बंद सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक होगा. देशव्यापी हड़ताल के दौरान पूरे देश में सभी सरकारी और निजी कार्यालय, शैक्षणिक और अन्य संस्थान, दुकानें, उद्योग और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान के साथ-साथ सार्वजनिक कार्यक्रम और अन्य कार्यक्रम बंद रहेंगे. हालांकि, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, राहत और बचाव कार्य सहित सभी आपातकालीन प्रतिष्ठानों और आवश्यक सेवाओं व व्यक्तिगत आपात स्थितियों में भाग लेने वाले लोगों को छूट दी जाएगी.

देश के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान, पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जिसको लेकर उन्हें डर है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को खत्म कर दिया जाएगा तथा उन्हें बड़े कार्पोरेट की दया पर छोड़ दिया जाएगा. हालांकि, सरकार तीन कानूनों को प्रमुख कृषि सुधारों के रूप में पेश कर रही है. दोनों पक्षों के बीच 10 दौर से अधिक की बातचीत गतिरोध को तोड़ने में विफल रही है.

देशभर की राजनीतिक पार्टियों ने भी दिया है समर्थन

आज के भारत बंद को वामपंथी दल जैसे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, तेलुगु देशम पार्टी, जनता दल (सेक्युलर), बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, शिअद-संयुक्त, युवाजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल, स्वराज इंडिया जैसे कई अन्य दलों ने अपना समर्थन दिया है.

500 से अधिक संगठन और 6 राज्यों का समर्थन

भारत बंद को 500 से अधिक किसान संगठनों, 15 ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक दलों, 6 राज्य सरकारों और समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन मिला है. इस हड़ताल को तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, केरल, पंजाब, झारखंड और आंध्र प्रदेश की राज्य सरकारों ने अपना समर्थन दिया है.

तैयार रखें अपने ट्रैक्टर : टिकैट

पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित देश भर के हजारों किसान पिछले दस महीने से दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे हैं और पिछले वर्ष सितंबर में लागू कृषि कानूनों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र को इन कानूनों को वापस लेना होगा.

टिकैत ने संकेत दिए कि अगर उनकी मांग नहीं मानी जाती है तो किसान आंदोलन तेज करेंगे. उन्होंने किसानों से कहा कि अपने ट्रैक्टर तैयार रखें, इनकी दिल्ली में कभी भी जरूरत पड़ सकती है. टिकैत ने कहा कि अगर किसान दस महीने से अपने घर नहीं लौटे हैं तो दस वर्षों तक भी आंदोलन कर सकते हैं, लेकिन इन कानूनों को लागू नहीं होने देंगे.

कानून वापस लेने तक जारी रहेगा आंदोलन

केंद्र सरकार के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 9 माह से आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत में 27 सितंबर को ‘भारत बंद’ का ऐलान किया था. संयुक्त किसान मोर्चा ने पहले 25 सितंबर को ‘भारत बंद’ की घोषणा की थी लेकिन मुजफ्फरनगर की महापंचायत में कहा गया कि अब ‘भारत बंद’ 27 सितंबर को होगा. किसान मोर्चा ने कहा है कि 27 सितंबर को ‘भारत बंद’ के दौरान देश में सब कुछ बंद रहेगा. भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा था कि तीन कृषि कानून जब तक वापस नहीं लिए जाते हैं तब तक वह अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे.

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