नागपुर ब्यूरो: “नागपुर सिर्फ भौगोलिक रूप से भारत का दिल नहीं है, बल्कि अब यह देश के एनसीसी कैडेट्स के सपनों को नई दिशा देने वाला ‘Center of Excellence’ भी बनेगा।” यह प्रेरक विचार महाराष्ट्र एनसीसी के अतिरिक्त महासंचालक (ADG) मेजर जनरल विवेक कुमार त्यागी ने व्यक्त किए। अपने तीन दिवसीय नागपुर दौरे के दौरान आयोजित एक विशेष पत्रकार परिषद में उन्होंने युवाओं के भविष्य और एनसीसी के आधुनिक स्वरूप को लेकर एक नया रोडमैप साझा किया।

अब ड्रोन और सायबर सुरक्षा में भी माहिर होंगे कैडेट्स
मेजर जनरल त्यागी ने बताया कि नागपुर में जल्द ही एक अत्याधुनिक ‘ड्रोन ट्रेनिंग अकॅडमी’ स्थापित की जाएगी। इसकी खासियत यह होगी कि यहाँ से सिर्फ ऑपरेटर ही नहीं, बल्कि ‘मास्टर ड्रोन ट्रेनर्स’ तैयार किए जाएंगे, जो पूरे देश में एनसीसी की अन्य इकाइयों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके साथ ही, युवाओं को सुरक्षित डिजिटल भविष्य देने के लिए ‘सायबर जागरूकता’ अभियान और तकनीक-आधारित स्किलिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि कैडेट्स आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए हरदम तैयार रहें।

नागपुर की मिट्टी से सेना और पुलिस को मिल रहे हैं जांबाज
अधिकारी मेजर जनरल त्यागी ने गर्व के साथ साझा किया कि नागपुर ग्रुप के कैडेट्स देश सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने बताया कि अकेले नागपुर से पिछले कुछ महीनों में 12 से 14 कैडेट्स ने सेना में अधिकारी बनकर अपनी पहचान बनाई है। चाहे वो अग्निवीर हो, सशस्त्र सेना बल हो या महाराष्ट्र पुलिस, एनसीसी का हर छात्र ‘अनुशासन’ और ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कामठी (OTA) का जिक्र करते हुए बताया कि वहाँ नागरिक कर्मचारी वर्ग (GCI और CTO) का प्रशिक्षण भी एनसीसी के विस्तार को नई ताकत दे रहा है।
युवाओं की बढ़ती चाह: 160 संस्थान वेटिंग लिस्ट में
आज के युवाओं में एनसीसी के प्रति बढ़ते आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले नागपुर में 160 शिक्षण संस्थान एनसीसी यूनिट शुरू करने के लिए कतार में हैं। मेजर जनरल त्यागी ने राज्य सरकार से नागपुर में एक विश्व स्तरीय एनसीसी अकादमी के निर्माण हेतु सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य सिर्फ दीड लाख (1.5 लाख) कैडेट्स तक पहुंचना नहीं है, बल्कि दुर्गम से दुर्गम क्षेत्र के हर युवा को एक ऐसा व्यक्तित्व देना है जो आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति से लबरेज हो।”
बेटियों की बढ़ती ताकत और ग्लोबल पहचान
पत्रकार परिषद के दौरान मेजर जनरल त्यागी ने इस बात पर विशेष खुशी जताई कि एनसीसी में बेटियों की भागीदारी 60:40 के अनुपात तक पहुँच रही है। ‘युथ एक्सचेंज प्रोग्राम’ के जरिए हमारे कैडेट्स अब विदेशी विद्यार्थियों के साथ अनुभव साझा कर रहे हैं, जिससे उन्हें वैश्विक दृष्टिकोण मिल रहा है। उन्होंने अंत में कहा कि एनसीसी केवल करियर का रास्ता नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाने की कार्यशाला है।




















