मुंबई ब्यूरो : राज्य की हाउसिंग सोसाइटियों के लिए सहकार कानून में संशोधन की योजना बनाई जा रही है, उसके करत अब हर सदस्य के लिए तीन घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक सदस्य से ₹120 और प्रत्येक संस्था से ₹1000 वसूले जा रहे हैं। राज्य में लगभग 1.20 लाख हाउसिंग सोसाइटियाँ और करीब 4 करोड़ सदस्य हैं। इस आधार पर बड़ी मात्रा में राशि एकत्रित होगी, और यह पैसा निजी प्रशिक्षण संस्थाओं को दिया जाएगा। यह सीधी लूट है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।
इस संदर्भ में सहकार आयुक्त को भेजे गए पत्र में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आगे कहा है कि राज्य की हाउसिंग सोसाइटियों और उनके सदस्यों से प्रशिक्षण के नाम पर की जा रही यह लूट गंभीर विषय है, और इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जबरन आर्थिक बोझ डालने की बजाय यदि प्रशिक्षण देना ही है, तो वह निःशुल्क दिया जाए। जनता पर बेवजह का भार क्यों डाला जा रहा है? महाराष्ट्र जैसे लोककल्याणकारी राज्य में इस तरह आम लोगों को लूटना बिल्कुल अनुचित है, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।
प्रदेशाध्यक्ष द्वारा लिखा गया यह पत्र कांग्रेस पार्टी के नेता अजिंक्य देसाई, डॉ. गजानन देसाई और प्रदीप राव ने सहकार आयुक्तालय में जाकर सौंपा।




















