प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं। उन्होंने बुधवार रात ग्लोबल कोविड समिट को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब भारत कोरोना की दूसरी लहर में मुसीबत का सामना कर रहा था, उस समय दुनिया ने हमारी मदद की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी अचानक सामने आई विपदा है और अब तक खत्म नहीं हुई है।
मोदी ने आगे कहा कि दुनिया को वैक्सीन सर्टिफिकेट को आसान बनाना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि वैक्सीन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति में रुकावट न हो। मोदी ने कहा कि दुनिया के अधिकांश हिस्सों में अभी वैक्सीनेशन पूरा होना बाकी है। इसलिए राष्ट्रपति बाइडेन की वैक्सीन डोनेशन डबल करने की पहल सराहनीय है। जो बाइडेन ने बुधवार शाम घोषणा की थी कि अमेरिका अपने 0.5 अरब वैक्सीन डोनेशन को बढ़ाकर एक अरब कर देगा।
Grateful to the Indian community in Washington DC for the warm welcome. Our diaspora is our strength. It is commendable how the Indian diaspora has distinguished itself across the world. pic.twitter.com/6cw2UR2uLH
— Narendra Modi (@narendramodi) September 22, 2021
ग्लोबल कोविड समिट में ये कहा मोदी ने
- भारत ने हमेशा मानवता को एक परिवार के रूप में देखा है। भारत के फार्मा उद्योगों ने कम कीमत में डायग्नोस्टिक किट, दवाएं, मेडिकल उपकरण और पीपीई किट का प्रोडक्शन किया है। इससे कई विकासशील देशों को सस्ता विकल्प मिला है।
- साल की शुरुआत में, हमने अपने वैक्सीन उत्पादन को 95 देशों और संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों के साथ साझा किया। जब हम दूसरी लहर से गुजर रहे थे, तब दुनिया एक परिवार की तरह भारत के साथ खड़ी थी। भारत को दी गई एकजुटता और समर्थन के लिए, मैं सभी का धन्यवाद करता हूं।
- भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। हाल ही में, हमने एक दिन में लगभग 25 मिलियन (2.5 करोड़) लोगों को टीका लगाया। जमीनी स्तर पर काम कर रहे हमारे मेडिकल वर्कर्स अब तक 800 (80 करोड़) मिलियन से ज्यादा वैक्सीन डोज लोगों को लगा चुके हैं। 200 (20 करोड़) मिलियन से अधिक भारतीय अब पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हैं।
- नए भारतीय टीके विकसित होते हैं। हम मौजूदा टीकों की उत्पादन क्षमता भी बढ़ा रहे हैं। जैसे-जैसे हमारा उत्पादन बढ़ेगा, हम दूसरों को भी वैक्सीन की आपूर्ति शुरू करने में सक्षम होंगे। इसके लिए रॉ मटेरियल की आपूर्ति होती रहनी चाहिए।
- हमारे क्वाड पार्टनर्स के साथ, हम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए टीके बनाने के लिए भारत की मैनुफेक्चरिंग क्षमता का लाभ उठा रहे हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका ने कोरोना वैक्सीन डायग्नोस्टिक और दवाओं के लिए WTO में TRIPS छूट का प्रस्ताव दिया है। इससे महामारी के खिलाफ लड़ाई को गति मिलेगी।
- हमें महामारी से हुए आर्थिक नुकसान को दूर करने पर ध्यान देने की जरूरत है। वैक्सीन सर्टिफिकेट को पारस्परिक मान्यता देकर अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाया जाना चाहिए।




















